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राजस्थान में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। RPSC SI Re-Exam को लेकर एक बार फिर अभ्यर्थियों और सरकार के बीच तनातनी का माहौल बन गया है। हाल ही में 20 सितंबर 2026 को आयोजित की गई सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती की दोबारा परीक्षा के बाद से ही छात्रों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। परीक्षा के कठिन स्तर और अन्य कई मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी लगातार Rajasthan SI Recruitment प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों युवाओं का मानना है कि परीक्षा का स्तर सामान्य से काफी अधिक कठिन था, जिसके कारण उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। अभ्यर्थी अब इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने या इसमें न्यायसंगत सुधार करने की मांग पर अड़े हुए हैं। यदि सरकार और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने जल्द ही कोई बड़ा फैसला नहीं लिया, तो राज्य में एक बार फिर बड़े स्तर पर Student Protest देखने को मिल सकता है।
इस पूरे SI Exam Controversy की शुरुआत 20 सितंबर को आयोजित हुई परीक्षा के प्रश्न पत्रों के स्तर से हुई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का स्तर तय पाठ्यक्रम और सामान्य मानकों से बहुत अधिक कठिन था। इसके अलावा, पूर्व में हुए पेपर लीक मामलों के बाद अभ्यर्थी पहले से ही मानसिक दबाव में थे, और इस कठिन पेपर ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
इस विवाद के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
मुख्य बिंदु: अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहती है, तो उसे RPSC SI Re-Exam के कठिनाई स्तर और इसके आयोजन को लेकर तुरंत समीक्षा कमेटी बैठानी चाहिए।
अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थी केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राजनीतिक गलियारों में भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने Rajasthan Government के मुखिया मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
इसके साथ ही, अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कई दिग्गज नेताओं से भी मुलाकात कर गुहार लगाई है:
इतने बड़े स्तर पर नेताओं और मंत्रियों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक प्रशासन या आयोग की तरफ से कोई ठोस आश्वासन या समाधान नहीं निकला है। इसी उदासीन रवैये के कारण युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह विवाद नया नहीं है। वर्ष 2021 में आयोजित हुई राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा शुरू से ही विवादों के साये में रही है। इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स (फर्जी अभ्यर्थी) बैठाने के आरोप लगे थे। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने इस मामले में जांच करते हुए अब तक 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कई चयनित उप-निरीक्षक भी शामिल थे।
लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शनों और कानूनी लड़ाइयों के बाद, अंततः राजस्थान सरकार की सिफारिश पर आरपीएससी ने वर्ष 2021 की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया और सितंबर 2026 में इसके दोबारा आयोजन (Re-Exam) की घोषणा की। हालांकि, अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि री-एग्जाम उनके लिए एक नया और निष्पक्ष अवसर लेकर आएगा, लेकिन 20 सितंबर को आयोजित परीक्षा के पेपर के कठिन स्तर ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
सरकारी रवैये से नाराज अभ्यर्थियों ने अब लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को घेरने का मन बना लिया है। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे 'वोट की चोट' से अपनी नाराजगी जाहिर करेंगे।
इसके साथ ही, प्रदेश भर के कोचिंग हब और प्रमुख जिलों (जैसे जयपुर, जोधपुर, अजमेर) में एक बार फिर से उग्र Student Protest की रणनीति तैयार की जा रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन यदि RPSC Exam Updates में कोई सकारात्मक बदलाव नहीं दिखता है, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के इतिहास और वर्तमान स्थिति को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका को देखें:
| विवरण | पूर्व परीक्षा (2021) | री-एग्जाम (2026) |
|---|---|---|
| परीक्षा की तिथि | 13-15 सितंबर 2021 | 20 सितंबर 2026 |
| निरस्तीकरण का कारण | पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण | - |
| कुल पंजीकृत अभ्यर्थी | लगभग 7.97 लाख | लगभग 2.18 लाख |
| मुख्य शिकायतें | पेपर लीक और डमी कैंडिडेट्स | अत्यधिक कठिन पेपर का स्तर और असंतोष |
| विवाद की वर्तमान स्थिति | मामला सुलझ चुका है (निरस्त) | नया आंदोलन होने की कगार पर |
वर्तमान में सभी की निगाहें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली Rajasthan Government और आरपीएससी (RPSC) के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। आयोग ने परीक्षा के तुरंत बाद आंसर की (Answer Key) जारी कर आपत्तियां तो मांग ली थीं, लेकिन पेपर के स्तर को लेकर उठ रहे सवालों पर अभी तक चुप्पी साध रखी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालना होगा। यदि सरकार इस विवाद को अनसुना करती है, तो आगामी चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। युवाओं की मांग है कि आरपीएससी को एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर पेपर के कठिनाई स्तर की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा केवल एक नौकरी का जरिया नहीं है, बल्कि यह लाखों परिवारों के सपनों और उम्मीदों से जुड़ी हुई है। RPSC SI Re-Exam को लेकर उपजा यह विवाद यदि समय पर नहीं सुलझाया गया, तो इससे न केवल युवाओं का समय बर्बाद होगा, बल्कि राज्य की भर्ती प्रणाली पर से भी उनका भरोसा उठ जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह छात्रों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद स्थापित करे और जल्द से जल्द कोई सम्मानजनक समाधान निकाले।
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