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आरपीएससी (RPSC) द्वारा आयोजित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती री-एग्जाम को लेकर प्रदेश के युवाओं में भारी आक्रोश है। हाल ही में 20 सितंबर को आयोजित हुई इस परीक्षा के बाद से ही RPSC SI Re-Exam Cancel Demand जोर पकड़ने लगी है। मंगलवार, 29 सितंबर को जयपुर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने एकत्रित होकर आरपीएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस बार सामान्य ज्ञान (GK) और सामान्य विज्ञान का पेपर न केवल बेहद कठिन था, बल्कि परीक्षा का पूरा पैटर्न ही बदल दिया गया था। इस अप्रत्याशित बदलाव के कारण अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 36% अंक प्राप्त करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। युवाओं का कहना है कि यदि सरकार और आयोग ने इस पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो इस भर्ती में अधिकांश पद खाली रह जाएंगे।
RPSC SI भर्ती 2021 की कहानी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया था। इसके बाद, माननीय न्यायालय और सरकार के निर्देशों के तहत 20 सितंबर 2026 को इस भर्ती के लिए दोबारा परीक्षा (Re-Exam) आयोजित की गई।
राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती नियमों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 36 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके बिना वे चयन प्रक्रिया के अगले चरण (शारीरिक दक्षता परीक्षा या इंटरव्यू) के लिए पात्र नहीं माने जाते हैं।
मुख्य चिंता: अभ्यर्थियों का कहना है कि 20 सितंबर को आयोजित जीके (GK) का पेपर इस कदर कठिन और अतार्किक (Illogical) था कि अधिकांश योग्य उम्मीदवार भी 36% का आंकड़ा पार नहीं कर पा रहे हैं।
शहीद स्मारक पर प्रदर्शन कर रहे युवा नेता हनुमान किसान और दिलीप नेत्रा ने बताया:
"अगर पेपर का स्तर इसी तरह का अतार्किक रहेगा और 36 प्रतिशत अंक नहीं आए, तो इस भर्ती में बड़ी संख्या में पद खाली रहने की नौबत आ जाएगी। यह युवाओं के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है और इसकी पूरी जिम्मेदारी आरपीएससी की होगी।"
शहीद स्मारक पर उग्र प्रदर्शन के बाद, अभ्यर्थियों के एक 5-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे:
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के सामने परीक्षा को रद्द करने और इसे नए सिरे से, एक तय और पारदर्शी पैटर्न पर आयोजित कराने की मांग रखी। हालांकि, सचिवालय में हुई इस बैठक से अभ्यर्थियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के उदासीन रवैये के बाद युवाओं ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि आरपीएससी ने इस परीक्षा में निर्धारित सिलेबस और पूर्व के परीक्षा पैटर्न का पालन नहीं किया। अभ्यर्थियों के अनुसार, पेपर पूरी तरह से 'आउट ऑफ ट्रेंड' था, जिसे निर्धारित 2 घंटे की अवधि में हल कर पाना किसी भी सामान्य छात्र के लिए असंभव था।
एक अन्य अभ्यर्थी मीनाक्षी ने बेहद तार्किक सवाल उठाते हुए कहा:
"आरपीएससी खुद मानती है कि पेपर कठिन था और पेपर सेटर के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही जा रही है। अगर पेपर सेटर की गलती के कारण ऐसा हुआ है, तो फिर इस परीक्षा को रद्द क्यों नहीं किया जा रहा? जब कोई भी छात्र पास ही नहीं हो पाएगा, तो इन खाली पदों का क्या होगा?"
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आप समझ सकते हैं कि पिछली परीक्षा और इस बार के री-एग्जाम में क्या मुख्य अंतर रहे हैं और अभ्यर्थी किस बात को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं:
| तुलनात्मक बिंदु | आरपीएससी एसआई परीक्षा 2021 | आरपीएससी एसआई री-एग्जाम 2026 |
|---|---|---|
| परीक्षा की तिथि | सितंबर 2021 | 20 सितंबर 2026 |
| पेपर का कठिनाई स्तर | सामान्य से मध्यम (Standard Pattern) | अत्यधिक कठिन और अतार्किक (Out of Syllabus) |
| मुख्य समस्या | पेपर लीक और फर्जी अभ्यर्थी | कठिन पेपर पैटर्न और 36% न्यूनतम अंक की अनिवार्यता |
| अभ्यर्थियों की मांग | निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई | परीक्षा को रद्द कर दोबारा (Fresh Exam) आयोजित करना |
| आयोग का रुख | मामले को SOG को सौंपा गया | पेपर सेटर पर कार्रवाई की बात, लेकिन परीक्षा रद्द करने पर चुप्पी |
इस आंदोलन में वे अभ्यर्थी भी शामिल हैं जो 2021 की भर्ती परीक्षा में पूरी ईमानदारी से चयनित हो चुके थे और अपनी ट्रेनिंग पूरी करने की कगार पर थे। 2021 की परीक्षा रद्द होने के कारण उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।
ऐसी ही एक अभ्यर्थी पायल शर्मा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:
"मेरा चयन साल 2021 की भर्ती में हो गया था, लेकिन भर्ती रद्द होने के कारण मुझे फिर से तैयारी करनी पड़ी। इस बार जब मैंने एग्जाम दिया, तो लगा कि पेपर बहुत ज्यादा कठिन था और इसका पैटर्न बिल्कुल अलग था। ऐसे में निष्पक्ष और योग्य छात्रों के साथ न्याय तभी होगा जब यह पेपर फिर से करवाया जाए।"
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे कठिन पेपर के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उस 'बेतुके' और 'अतार्किक' पैटर्न के खिलाफ हैं जो बिना किसी पूर्व सूचना या सिलेबस के बदलाव के छात्रों पर थोप दिया गया।
RPSC SI भर्ती को लेकर चल रहा यह गतिरोध राजस्थान के लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। अभ्यर्थियों की मांग है कि आरपीएससी और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) जैसी संस्थाओं का पुनर्गठन किया जाए और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक निश्चित टाइमलाइन और स्पष्ट सिलेबस जारी किया जाए।
इस अनिश्चितता के माहौल में, Patamde Study सभी अभ्यर्थियों को सलाह देता है कि वे धैर्य बनाए रखें और अपनी पढ़ाई से पूरी तरह दूरी न बनाएं। परीक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट और आधिकारिक नोटिफिकेशन के लिए आप Patamde Study पर भरोसा कर सकते हैं। हम आपको नवीनतम एग्जाम न्यूज़, स्टडी गाइड्स और टेस्ट स्ट्रेटजी प्रदान करते हैं ताकि आपकी तैयारी कभी न रुके।
इस आंदोलन और आरपीएससी के अगले कदम पर आपकी क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि आरपीएससी एसआई री-एग्जाम को रद्द किया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें।


