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School Education

राजस्थान स्कूल स्टाफिंग पैटर्न: 1.23 लाख पदों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव अटका, CMO पहुंचा मामला

Super Admin·2026-11-05·5 min read
राजस्थान स्कूल स्टाफिंग पैटर्न: 1.23 लाख पदों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव अटका, CMO पहुंचा मामला

राजस्थान स्कूल स्टाफिंग पैटर्न: 1.23 लाख पदों की बढ़ोतरी का प्रस्ताव अटका, जानें पूरा मामला

राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक गतिरोध सामने आया है। लंबे समय से प्रतीक्षित राजस्थान स्कूल स्टाफिंग पैटर्न (Rajasthan School Staffing Pattern) को अभी तक वित्त विभाग और शासन स्तर से अंतिम स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इस देरी के कारण प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 1.23 लाख पदों की बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है।

इस प्रशासनिक विलंब का सीधा असर न केवल राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं पर पड़ रहा है जो नई शिक्षक भर्तियों की राह देख रहे हैं, बल्कि उन कार्यरत शिक्षकों पर भी पड़ रहा है जो लंबे समय से अपनी पदोन्नति (Promotions) का इंतजार कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों ने अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का रुख किया है, जहां अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।


राजस्थान माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न का पूरा मामला क्या है?

माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न का निर्धारण स्कूलों में नामांकित छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षकों और अन्य स्टाफ के पदों को स्वीकृत करने के लिए किया जाता है। नियमों के मुताबिक इसे नियमित अंतराल पर संशोधित किया जाना चाहिए, लेकिन राजस्थान में पिछले 11 वर्षों से नया स्टाफिंग पैटर्न लागू नहीं हो पाया है। इससे पहले आखिरी बार वर्ष 2015 में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया गया था।

इतने लंबे समय के बाद विभाग ने एक नया स्टाफिंग पैटर्न तैयार किया है, जिसके तहत स्कूलों में बड़े पैमाने पर पदों की संख्या में बदलाव होना तय है। हालांकि, इस तैयार प्रस्ताव को अभी तक वित्त विभाग की ओर से हरी झंडी नहीं मिली है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो स्कूलों में रिक्त और नए सृजित होने वाले पदों की संख्या में भारी उछाल आएगा, जिससे नई भर्तियों और पदोन्नति के बंद पड़े रास्ते खुल जाएंगे।


पदों की संख्या का गणित: वर्तमान पद बनाम प्रस्तावित पद

नए स्टाफिंग पैटर्न के प्रस्ताव के अनुसार, वर्तमान में स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 32% पदों की बढ़ोतरी का अनुमान है। विभाग द्वारा तैयार किए गए आंकड़ों के माध्यम से इस बदलाव को आसानी से समझा जा सकता है:

विवरणपदों की संख्या / विवरण
पिछला स्टाफिंग पैटर्न (वर्ष)2015
वर्तमान में कुल स्वीकृत पद3,92,431
नए स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार कुल आवश्यकता5,15,617
प्रस्तावित नए पदों की कुल बढ़ोतरी1,23,186 (लगभग 32% वृद्धि)

इस तालिका से स्पष्ट है कि यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो माध्यमिक शिक्षा विभाग में कुल 1,23,186 नए पद सृजित होंगे। यह प्रदेश के शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।


सीएमओ (CMO) पहुंचा मामला: प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक

स्टाफिंग पैटर्न की स्वीकृति में हो रही देरी और शिक्षकों से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) राजस्थान विद्यालय शिक्षा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से मुलाकात की।

इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को बेहद मुखरता से रखा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश महामंत्री लखारा, संगठन मंत्री उमराव लाल वर्मा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा विभाग में अटके प्रशासनिक प्रस्तावों और शिक्षकों के आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।


शिक्षक महासंघ की प्रमुख मांगें और मुद्दे

प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मुख्य सचिव के समक्ष शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र प्रस्तुत किया। इस मांग पत्र में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया था:

1. स्टाफिंग पैटर्न को तत्काल वित्तीय स्वीकृति

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैयार स्टाफिंग पैटर्न को वित्त विभाग से जल्द से जल्द स्वीकृति दिलाई जाए, ताकि स्कूलों में 1.23 लाख से अधिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हो सके।

2. शिक्षक कल्याण बोर्ड का गठन

शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए राज्य सरकार को एक समर्पित शिक्षक कल्याण बोर्ड (Teacher Welfare Board) के गठन का प्रस्ताव भेजने की मांग की गई।

3. प्रथम नियुक्ति तिथि से समस्त परिलाभ देना

31 दिसंबर के पश्चात नियुक्त किए गए शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश (Summer Vacation) सहित प्रथम नियुक्ति तिथि से न्यायालय के निर्णयानुसार सभी प्रकार के परिलाभ देने की मांग रखी गई।

4. शहरी मकान किराया व भत्ता (HRA) की वसूली पर रोक

वेतन व्यवस्था वाले शिक्षकों से शहरी मकान किराया और भत्ते की रिकवरी (वसूली) को तुरंत रोकने और इससे संबंधित पुराने आदेशों को वापस लेने का आग्रह किया गया।

5. बीएड इंटर्नशिप के दौरान पूर्ण वेतन

सेवारत शिक्षकों (In-service Teachers) द्वारा बीएड करने के दौरान उनके इंटर्नशिप समय का पूर्ण वेतन देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।


स्कूलों में बजट का संकट: कुक-कम-हेल्पर और मिड-डे मील की समस्याएं

बैठक के दौरान केवल शिक्षकों के मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर भी ध्यान आकर्षित किया गया।

मुख्य चिंता: दीपावली का त्योहार नजदीक होने के बावजूद सरकारी स्कूलों में कार्यरत कुक-कम-हेल्पर्स को उनका लंबित मानदेय (Salary/Honorarium) नहीं मिल पाया है। इसके अलावा, स्कूलों में मिड-डे मील के तहत दिए जाने वाले दूध और चीनी का बजट भी लंबे समय से अटका हुआ है।

प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी विद्यालयों में पोषाहार कुक-कम-हेल्पर के लंबित मानदेय, कन्वर्जन राशि (Conversion Cost) और दूध-चीनी की राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की ताकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले इन कर्मचारियों को त्योहार के समय आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।


सकारात्मक आश्वासन और भविष्य की राह

अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा के साथ हुई यह वार्ता काफी सकारात्मक रही। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार करते हुए सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है।

  • लंबित भुगतानों का समाधान: बैठक में एरियर और सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद के बकाया भुगतानों को जल्द से जल्द जारी करने का आश्वासन मिला।
  • अटकी हुई सैलरी: पिछले 4 महीनों से अटकी हुई सैलरी को भी जल्द ही रिलीज करने की बात कही गई है।

यदि सरकार इन आश्वासनों को समय पर पूरा करती है और स्टाफिंग पैटर्न को मंजूरी देती है, तो राजस्थान के शिक्षा विभाग में रिक्तियों की बाढ़ आ सकती है। यह राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा आयोजित की जाने वाली आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा।

यदि आप भी राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (जैसे REET, RPSC Grade 1st & 2nd) की तैयारी कर रहे हैं और अपनी तैयारी को और मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आप Patamde mock tests and study material की सहायता ले सकते हैं, जहां आपको नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार मॉक टेस्ट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।


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