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राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित की गई सब-इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर री-एग्जाम 2021 का आयोजन 20 सितंबर 2026 को किया गया। परीक्षा समाप्त होते ही परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे पर चिंता और घबराहट साफ देखी जा सकती थी। इस परीक्षा के बाद से ही सोशल मीडिया और शैक्षणिक हलकों में RPSC SI Re-exam पेपर एनालिसिस को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों से मिली सीधी प्रतिक्रियाओं के अनुसार, इस बार का पेपर RPSC के इतिहास का सबसे कठिन (toughest) पेपर माना जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2025 में आयोजित परीक्षाओं की तुलना में इस बार का स्तर न केवल बेहद कठिन था, बल्कि परीक्षा का पैटर्न भी पूरी तरह से अनप्रेडिक्टेबल (अप्रत्यशित) रहा। लेंथी और डीप पेपर होने के कारण अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यह परीक्षा राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के कुल 859 पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। साल 2021 की इस भर्ती परीक्षा को लेकर हुए विवादों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद आखिरकार 20 सितंबर 2026 को इस री-एग्जाम का आयोजन कराया गया।
इस परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी जो पूर्व में आयोजित परीक्षा में उपस्थित हुए थे। लगभग 3.83 लाख से अधिक पंजीकृत उम्मीदवारों के साथ इस परीक्षा में प्रतिस्पर्धा का स्तर पहले से ही काफी ऊंचा था। यह परीक्षा दो पारियों (shifts) में ऑफलाइन मोड (OMR आधारित) में आयोजित की गई:
नीचे दी गई तालिका में परीक्षा के मुख्य प्रारूप को संक्षेप में समझा जा सकता है:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | RPSC SI और प्लाटून कमांडर री-एग्जाम 2021 |
| परीक्षा की तिथि | 20 सितंबर 2026 |
| परीक्षा का मोड | ऑफलाइन (OMR आधारित) |
| कुल प्रश्नों की संख्या | 200 प्रश्न (100 प्रश्न प्रति पेपर) |
| कुल अंक | 400 अंक (200 अंक प्रति पेपर) |
| नकारात्मक अंकन (Negative Marking) | 1/3 अंक (प्रत्येक गलत उत्तर के लिए) |
| आधिकारिक वेबसाइट | rpsc.rajasthan.gov.in |
20 सितंबर को आयोजित हुए इस री-एग्जाम के बाद अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों का एक ही सुर में मानना है कि आयोग ने इस बार परीक्षा के स्तर को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है। अभ्यर्थियों के अनुसार, पहले पेपर (सामान्य हिंदी) की तुलना में दूसरे पेपर (सामान्य ज्ञान और विज्ञान) ने उनके पसीने छुड़ा दिए।
पेपर के इस कदर कठिन होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
इस वर्ष के RPSC SI Re-exam पेपर एनालिसिस को गहराई से समझने के लिए हमें दोनों पेपरों के अलग-अलग सेक्शन का मूल्यांकन करना होगा।
सामान्य हिंदी का पेपर पारंपरिक रूप से अभ्यर्थियों के लिए स्कोरिंग माना जाता है, लेकिन इस बार इसमें भी व्याकरण के नियमों से जुड़े काफी गहरे प्रश्न पूछे गए। संधि, समास, पर्यायवाची और मुहावरों से जुड़े प्रश्नों में सीधे उत्तर देने के बजाय वाक्यों के प्रयोग और कूट (match the following) वाले प्रश्न अधिक थे। हालांकि, पेपर 2 की तुलना में इसे 'मध्यम से कठिन' श्रेणी में रखा जा सकता है।
यह वह पेपर था जिसने परीक्षा हॉल में बैठे अभ्यर्थियों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ाईं। इस पेपर के कुछ प्रमुख खंडों का विश्लेषण नीचे दिया गया है:
यहाँ विभिन्न विषयों के कठिनाई स्तर का एक तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत है:
| विषय खंड (Subject Section) | प्रश्नों की प्रकृति | कठिनाई का स्तर (Difficulty Level) |
|---|---|---|
| सामान्य हिंदी | व्याकरण, वाक्य शुद्धि, शब्द ज्ञान | मध्यम से कठिन |
| करंट अफेयर्स | राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम, पुराने डेटा | बेहद कठिन (Very Tough) |
| सरकारी योजनाएं | राजस्थान एवं केंद्र सरकार की योजनाएं, पात्रता नियम | अत्यंत कठिन और गहरा (Deep) |
| सामान्य विज्ञान | भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, आधुनिक तकनीक | कठिन (Tough) |
| राजस्थान सामान्य ज्ञान | इतिहास, भूगोल, कला और संस्कृति | मध्यम से कठिन |
| भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था | अनुच्छेद, संशोधन, न्यायिक निर्णय, कूट वाले प्रश्न | कठिन और लेंथी |
परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की जो प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वे आरपीएससी की बदलती परीक्षा प्रणाली की ओर इशारा करती हैं। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा:
"पेपर का पैटर्न लगातार अनप्रेडिक्टेबल होता जा रहा है। हम जिस ढर्रे पर तैयारी कर रहे थे, आयोग ने उससे बिल्कुल अलग हटकर प्रश्न पूछे। 2025 के पेपर की तुलना में इस बार का पेपर बेहद कठिन था और इसमें समय प्रबंधन (Time Management) करना सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ। कई सवालों को हल करने में बहुत ज्यादा समय लगा।"
लेंथी और डीप पेपर होने के कारण कई योग्य उम्मीदवारों को भी प्रश्नों को छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। नकारात्मक अंकन (1/3 Negative Marking) के डर से छात्रों ने उन प्रश्नों को छूने से परहेज किया जिनमें वे पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे।
चूंकि पेपर का स्तर आरपीएससी के इतिहास में सबसे कठिन माना जा रहा है, इसलिए इसका सीधा असर इस साल की संभावित कट-ऑफ (Expected Cut-off) पर पड़ने की पूरी संभावना है:
आरपीएससी ने परीक्षा के तुरंत बाद अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रोविजनल उत्तर कुंजी (Answer Key) भी जारी कर दी है। अभ्यर्थी 21 सितंबर से 23 सितंबर 2026 की रात 12:00 बजे तक एसएसओ पोर्टल (SSO Portal) के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक आपत्ति के लिए ₹100 का शुल्क निर्धारित किया गया है, और इसके लिए प्रामाणिक पुस्तकों (authentic books) के प्रमाण संलग्न करना अनिवार्य है।
RPSC SI री-एग्जाम 2026 के इस बेहद कठिन पेपर ने यह साबित कर दिया है कि अब केवल वन-लाइनर या सतही पढ़ाई से प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं की परीक्षाएं पास करना असंभव है। अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के तरीके में व्यापक बदलाव करने की आवश्यकता है।
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