Apps and sites we build and maintain alongside this one.
Automated video production and channel management tools.
Track, issue, and manage books with a simple mobile app.
Score and review handwritten answer sheets on the go.
A study companion app built for students.
Read the latest blogs and news updates.
Create presentations quickly for online classes.

भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में 6 अक्टूबर 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। देश की शीर्ष अदालत यानी Supreme Court में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट परिसर के नए ब्लॉक के ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य समारोह में इन जजों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। New Judges Appointment की यह पूरी प्रक्रिया भारतीय प्रशासनिक सेवा और कानून की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए Indian Polity और Current Affairs के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यदि आप UPSC Preparation या Law Exams की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद मददगार साबित होगा। इस लेख में हम इस ऐतिहासिक नियुक्ति के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं, जजों के प्रोफाइल, और प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से जरूरी तथ्यों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
शपथ लेने वाले तीनों न्यायाधीशों का कानूनी क्षेत्र में एक लंबा, निष्पक्ष और प्रतिष्ठित करियर रहा है। इन तीनों जजों के आने से सुप्रीम कोर्ट की न्यायदान क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
भारतीय संविधान के तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या को निर्धारित करने का अंतिम अधिकार भारत की संसद के पास है। हाल ही में Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2026 के माध्यम से जजों की स्वीकृत संख्या को बढ़ाया गया है।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| पहले स्वीकृत संख्या (CJI सहित) | 34 |
| वर्तमान स्वीकृत संख्या (CJI सहित) | 38 |
| वर्तमान कार्यरत जजों की संख्या | 37 |
| वर्तमान रिक्त पदों की संख्या | 01 |
महत्वपूर्ण तथ्य: राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई थी। इस ऐतिहासिक संशोधन के बाद जजों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आई है। इन तीन नई नियुक्तियों के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में केवल एक पद खाली रह गया है।
संविधान के लागू होने के समय (1950 में) सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अलावा केवल 7 अन्य न्यायाधीश थे। समय के साथ मुकदमों की बढ़ती संख्या को देखते हुए संसद ने अधिनियमों में संशोधन करके जजों की संख्या बढ़ाई है:
भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम प्रणाली (Collegium System) के माध्यम से की जाती है। यह प्रणाली यूपीएससी और विभिन्न लॉ परीक्षाओं के लिए सबसे पसंदीदा टॉपिक्स में से एक है।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर अब तीन हो गई है। यद्यपि यह न्यायपालिका में लैंगिक विविधता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने अभी भी महिला जजों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त की है।
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत महिला न्यायाधीशों की सूची इस प्रकार है:
यदि आप Patamde Study (https://patamde.in) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity) के इन संवैधानिक प्रावधानों को हमेशा याद रखें:
सुप्रीम कोर्ट में इन तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से देश की सर्वोच्च अदालत की कार्यक्षमता में काफी सुधार होगा और लंबित मुकदमों के बोझ को कम करने में सहायता मिलेगी। 38 की स्वीकृत संख्या में से 37 पदों का भरा होना यह दर्शाता है कि न्यायपालिका और कार्यपालिका मिलकर न्यायिक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
करंट अफेयर्स, लॉ एग्जाम्स और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े ऐसे ही महत्वपूर्ण अपडेट्स और विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए Patamde Study पर नियमित रूप से विजिट करते रहें। हमारी टेस्ट सीरीज़ और गाइड बुक्स की मदद से आप अपनी UPSC Preparation की राह को और भी आसान बना सकते हैं।


