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राजस्थान में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और माफियाओं पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान दल (एसओजी) लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में, राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 (Sub Inspector Recruitment Exam 2021) में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसओजी (SOG) ने परीक्षा में अपनी जगह डमी अभ्यर्थी (Dummy Candidate) बैठाकर प्लाटून कमांडर बनने वाले शातिर आरोपी राजमोहन मीणा को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी राजमोहन पिछले करीब 17 महीनों से फरार चल रहा था और उस पर एसओजी द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। वह जयपुर के करतारपुरा फाटक के पास एक किराए का कमरा लेकर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था, जहाँ से एसओजी की टीम ने उसे धर-दबोचा। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गैर-कानूनी तरीकों से सरकारी नौकरी पाने वाले चाहे जितनी कोशिश कर लें, वे कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।
यह पूरा मामला साल 2021 में आयोजित हुई उपनिरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा से जुड़ा हुआ है। सवाई माधोपुर के हिंगोनी गांव का रहने वाला राजमोहन मीणा (उम्र 29 वर्ष) खुद परीक्षा की तैयारी करने के बजाय शॉर्टकट के जरिए वर्दी हासिल करना चाहता था। इसके लिए उसने पेपर लीक और डमी कैंडिडेट बैठाने वाले गिरोह से संपर्क साधा।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजमोहन मीणा को राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (RPTC), जोधपुर में प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। वह वहां अपनी ट्रेनिंग ले रहा था और खुद को एक असली पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पाप का घड़ा ज्यादा दिनों तक नहीं छुप सका।
साल 2024-25 में जब एसओजी ने राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक व डमी कैंडिडेट प्रकरण (प्रकरण संख्या 10/2024) की गहन जांच शुरू की, तो राजमोहन का नाम भी सामने आने लगा। जैसे ही राजमोहन को भनक लगी कि एसओजी उसके फर्जीवाड़े तक पहुँच चुकी है, वह 22 मार्च 2025 को जोधपुर ट्रेनिंग सेंटर से अचानक फरार हो गया।
ट्रेनिंग सेंटर से भागने के बाद वह अपने पैतृक गांव हिंगोनी (सवाई माधोपुर) भी नहीं गया। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने जयपुर को अपना ठिकाना बनाया। जयपुर के करतारपुरा फाटक के पास उसने एक किराए का कमरा लिया और वहां छुपकर अपनी फरारी काटने लगा।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। चूंकि वह लंबे समय से फरार था, इसलिए पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसओजी के डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के कुशल नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम के अनुसंधान अधिकारी एएसपी चिरंजीलाल मीणा ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जयपुर के करतारपुरा में दबिश दी और मंगलवार (11 अगस्त 2026) को आरोपी राजमोहन मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
ताजा अपडेट: गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे 15 अगस्त 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इस रिमांड अवधि के दौरान एसओजी आरोपी से कड़ी पूछताछ करेगी। पुलिस मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच कर रही है:
आपको बता दें कि इस मामले के मुख्य दलाल और गिरोह के सरगना हनुमान प्रसाद मीणा को एसओजी ने जून 2024 में ही गिरफ्तार कर लिया था और उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी पेश की जा चुकी है। अब पुलिस को उस डमी अभ्यर्थी की तलाश है, जिसने राजमोहन की जगह परीक्षा लिखी थी।
इस पूरे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| विवरण | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| आरोपी का नाम | राजमोहन मीणा (उम्र 29 वर्ष) |
| निवासी | हिंगोनी, सवाई माधोपुर, राजस्थान |
| संबंधित परीक्षा | राजस्थान सब इंस्पेक्टर / प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 |
| फर्जीवाड़ा का तरीका | अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास की |
| मेरिट रैंक | 1623वीं रैंक (प्लाटून कमांडर पद पर चयन) |
| सौदे की रकम | ₹10 लाख (दलाल हनुमान प्रसाद मीणा के साथ) |
| फरारी की तिथि | 22 मार्च 2025 (आरपीटीसी जोधपुर ट्रेनिंग सेंटर से) |
| गिरफ्तारी की तिथि | 11 अगस्त 2026 (जयपुर के करतारपुरा फाटक से) |
| घोषित इनाम | ₹10,000 |
| वर्तमान स्थिति | 15 अगस्त 2026 तक पुलिस रिमांड पर |
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट बैठाने के मामलों ने लाखों ईमानदार युवाओं के सपनों पर पानी फेरा है। जब कोई अयोग्य व्यक्ति पैसे के दम पर या अनुचित साधनों का उपयोग करके परीक्षा पास करता है, तो वह न केवल एक योग्य उम्मीदवार की सीट छीन लेता है, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है।
इस पूरे घटनाक्रम से राजस्थान के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को एक बहुत बड़ी सीख मिलती है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जो लोग अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं, उनका अंजाम अंततः जेल की कोठरी ही होती है। भले ही आप कुछ समय के लिए सिस्टम को धोखा दे दें, लेकिन अंत में सच्चाई की ही जीत होती है।
यदि आप भी RPSC SI, RAS, REET, या राजस्थान की अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो पूरी ईमानदारी के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें। सही दिशा में की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।
प्रतियोगी परीक्षाओं की सटीक जानकारी, अध्ययन सामग्री और नवीनतम अपडेट के लिए पटमदा स्टडी (Patamde Study) के साथ जुड़े रहें। आप हमारी आधिकारिक वेबसाइट Patamde Study पर जाकर विभिन्न परीक्षाओं के स्टडी गाइड्स, टेस्ट स्ट्रेटेजी और परीक्षा समाचारों को विस्तार से पढ़ सकते हैं। अपनी तैयारी को सही दिशा दें और ईमानदारी से मेहनत कर अपने माता-पिता के सपनों को साकार करें।


