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राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में आयोजित राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) एलडीसी भर्ती परीक्षा 2026 के दौरान जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर कथित नकल और पेपर को परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। राज्य सरकार और चयन बोर्ड की तमाम कोशिशों के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर तैनात कुछ कार्मिकों की मिलीभगत से हुए इस खुलासे ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर एक बार फिर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
यह पूरा विवाद जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर रविवार (5 जुलाई 2026) को आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी के दौरान घटित हुआ। परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 10 में कुल 24 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे।
दोपहर की पारी में परीक्षा सुचारू रूप से चल रही थी, लेकिन तभी परीक्षा केंद्र पर तैनात रिलीवर पदमसिंह ने एक महिला अभ्यर्थी मनु कंवर (रोल नंबर 1775156) की टेबल पर जाकर उसका प्रश्न पत्र देखा। इसके बाद वह उस प्रश्न पत्र को चुपके से परीक्षा कक्ष से बाहर लेकर चला गया।
कमरे में मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने जब रिलीवर को प्रश्न पत्र बाहर ले जाते देखा, तो उन्होंने तुरंत इसका कड़ा विरोध किया। अभ्यर्थियों ने वहां तैनात वीक्षक (इन्विजिलेटर) भीमसिंह और जालमसिंह से इसकी शिकायत की, लेकिन वीक्षकों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और यह कहकर मामले को दबाने की कोशिश की कि "हमारे हाथ में कुछ नहीं है"।
परीक्षा समाप्त होने से कुछ समय पहले जब सतर्कता दल (फ्लाइंग टीम) केंद्र पर पहुंचा, तब जाकर पीड़ित और आक्रोशित अभ्यर्थियों ने लिखित में अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ही इस पूरे बड़े फर्जीवाड़े और नकल के खेल का पर्दाफाश हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जैसलमेर जिला कलेक्टर के कड़े निर्देशों के तहत एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में उपखंड अधिकारी (SDM), जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस उपअधीक्षक (DSP) की टीम शामिल थी। जांच कमेटी ने जब परीक्षा केंद्र के कमरा नंबर 10 के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की, तो एक बेहद चौंकाने वाली साजिश सामने आई:
इस पूरी प्रक्रिया से यह साफ हो गया कि सीसीटीवी कैमरों को सोची-समझी साजिश के तहत बंद किया गया था ताकि प्रश्न पत्र को बाहर ले जाकर उसका हल (सॉल्यूशन) तैयार किया जा सके और वापस लाकर अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली पुलिस थाना, जैसलमेर में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 की धारा 3/10, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) व 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रिलीवर पदमसिंह और अनुचित लाभ लेने वाली परीक्षार्थी मनु कंवर को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में कुल 5 लोगों को नामजद कर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
| क्र.सं. | आरोपी का नाम | परीक्षा केंद्र पर पद / भूमिका | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1. | पदमसिंह | रिलीवर (वरिष्ठ अध्यापक, राबाउमावि जैसलमेर) | गिरफ्तार |
| 2. | मनु कंवर | परीक्षार्थी (रोल नंबर 1775156) | गिरफ्तार |
| 3. | भीमसिंह | वीक्षक (इन्विजिलेटर) | मामला दर्ज, जांच जारी |
| 4. | जालमसिंह | वीक्षक (इन्विजिलेटर) | मामला दर्ज, जांच जारी |
| 5. | उम्मेदसिंह | केंद्राधीक्षक (प्रधानाचार्य) | मामला दर्ज, जांच जारी |
जैसलमेर के एसपी रेवंतदान ने बताया कि जांच कमेटी द्वारा परीक्षा केंद्र पर मौजूद 23 लोगों से गहन पूछताछ की गई। कमरा नंबर 10 में परीक्षा दे रहे अन्य अभ्यर्थियों के भी बयान दर्ज किए गए, जिन्होंने इस धांधली का पुरजोर विरोध किया था। जांच रिपोर्ट में नामजद पांचों आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हो चुकी है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों और सतर्कता दल की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए पूरे तथ्यात्मक मामले को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB), जयपुर को भेज दिया गया है। अब इस परीक्षा केंद्र की परीक्षा को लेकर अंतिम निर्णय चयन बोर्ड के स्तर पर ही लिया जाएगा।
राजस्थान में सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के मामले आना बेहद चिंताजनक हैं। हालांकि, इस घटना से यह भी साफ होता है कि अभ्यर्थियों की जागरूकता कितनी जरूरी है। अगर कमरा नंबर 10 के अभ्यर्थियों ने हिम्मत दिखाकर उस समय आवाज नहीं उठाई होती, तो शायद यह बड़ा फर्जीवाड़ा कभी सामने ही नहीं आ पाता।
मुख्य सीख: परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत आवाज उठाएं और सतर्कता दल या नोडल अधिकारियों को सूचित करें। आपकी सजगता ही परीक्षा की शुचिता को बनाए रख सकती है।
यदि आप भी राजस्थान एलडीसी, CET, या अन्य किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो अपनी तैयारी को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ जारी रखें। ऐसी विकट परिस्थितियों में सही मार्गदर्शन और बेहतरीन अध्ययन सामग्री का होना बेहद जरूरी है। अपनी तैयारी को सही दिशा देने और नवीनतम परीक्षा अपडेट्स के लिए Patamde Study से जुड़े रहें, जहां आपको सटीक विश्लेषण, डेली करंट अफेयर्स और बेहतरीन टेस्ट स्ट्रेटजी मिलती है।
जैसलमेर एलडीसी भर्ती परीक्षा में सामने आया यह नकल प्रकरण परीक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों और कुछ भ्रष्ट कर्मियों की मिलीभगत को उजागर करता है। हालांकि, जिला प्रशासन की त्वरित जांच और पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों ने यह संदेश भी दिया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की नजरें राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
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