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कृषि विभाग की राज्यस्तरीय कमेटी ने वर्ष 2025-26 के लिए उत्कृष्ट जैविक खेती करने वाले राज्य के तीन प्रगतिशील किसानों का चयन जैविक किसान पुरस्कार (Jaivik Kisan Puraskar) के लिए किया है। यह खबर न केवल राजस्थान के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि Rajasthan Current Affairs और Rajasthan Agriculture News की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए राज्य स्तर पर चयनित तीनों किसानों को न केवल अपनी विशिष्ट पहचान बनाने का मौका मिला है, बल्कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। इस लेख में हम पुरस्कार के लिए चुने गए किसानों, उनके जिलों और इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जो आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे RAS, LDC, Patwari और अन्य राज्यस्तरीय परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
कृषि विभाग की राज्यस्तरीय कमेटी ने राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद वर्ष 2025-26 के Organic Farming Awards के लिए तीन किसानों का चयन किया है। इन किसानों ने अपने खेतों में जैविक कृषि और नवीन तकनीकों का उपयोग करके उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आइए जानते हैं इन विजेताओं के बारे में:
श्रीगंगानगर जिले के प्रगतिशील किसान गिरधारी लाल गेदर को उनके उत्कृष्ट जैविक कृषि प्रबंधन के लिए इस राज्यस्तरीय पुरस्कार हेतु चुना गया है। श्रीगंगानगर को सामान्यतः राजस्थान का 'अन्न का कटोरा' कहा जाता है, जहाँ इंदिरा गांधी नहर परियोजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर खेती होती है। इस क्षेत्र में रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग के बीच गिरधारी लाल गेदर द्वारा जैविक खेती को अपनाना और उसमें उत्कृष्ट परिणाम हासिल करना अपने आप में एक मिसाल है।
नवनिर्मित फलोदी जिले के तलिया नोसर गांव के निवासी रावल चंद ने शुष्क और विषम जलवायु परिस्थितियों में भी जैविक खेती के सफल मॉडल को स्थापित किया है। फलोदी जैसे अत्यधिक गर्म और कम वर्षा वाले क्षेत्र में पानी की बचत करते हुए जैविक उत्पादों को तैयार करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। रावल चंद के इस अनूठे प्रयास और जैविक उत्पादन के प्रति उनके समर्पण के कारण उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
झालावाड़ जिले के देवडूंगरी धतुरिया कला के किसान देवी लाल को भी इस वर्ष के प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। झालावाड़ क्षेत्र अपनी संतरा (Citrus) उत्पादन और आर्द्र जलवायु के लिए जाना जाता है। देवी लाल ने अपने बगीचों और खेतों में रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक खाद, जीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशकों का उपयोग कर बागवानी व कृषि में नवाचार किया है।
पाठकों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हमने नीचे एक विस्तृत तालिका दी है, जिसमें पुरस्कार विजेताओं और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया गया है:
| किसान का नाम | जिला | गांव / स्थान | पुरस्कार राशि (नकद) | चयन का वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| गिरधारी लाल गेदर | श्रीगंगानगर | श्रीगंगानगर | ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) | 2025-26 |
| रावल चंद | फलोदी | तलिया नोसर गांव | ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) | 2025-26 |
| देवी लाल | झालावाड़ | देवडूंगरी धतुरिया कला | ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) | 2025-26 |
मुख्य बिंदु: इस पुरस्कार के तहत चयनित प्रत्येक किसान को ₹1,00,000 (एक-एक लाख रुपये) की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
Jaivik Kisan Puraskar के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी और कठोर मानकों पर आधारित होती है। इसके तहत निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाती है:
राजस्थान सरकार राज्य में स्थायी कृषि और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं और अभियान चला रही है। Rajasthan Agriculture News के अनुसार, राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा आयोजित की जाने वाली विभिन्न परीक्षाओं में कृषि और समसामयिकी (Current Affairs) से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। यहाँ इस विषय से संबंधित कुछ संभावित प्रश्न दिए जा रहे हैं:
प्रश्न 1: वर्ष 2025-26 के लिए राजस्थान सरकार द्वारा कितने किसानों को राज्यस्तरीय जैविक किसान पुरस्कार के लिए चुना गया है?
प्रश्न 2: जैविक किसान पुरस्कार के तहत विजेता किसानों को कितनी नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है?
प्रश्न 3: फलोदी जिले के किस किसान को वर्ष 2025-26 के जैविक किसान पुरस्कार के लिए चुना गया है?
प्रश्न 4: इस राज्यस्तरीय चयन समिति की अध्यक्षता किसके द्वारा की जाती है?
राजस्थान सरकार द्वारा दिया जाने वाला Jaivik Kisan Puraskar राज्य के किसानों को पारंपरिक रासायनिक खेती से हटकर पर्यावरण-अनुकूल जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक शानदार जरिया है। गिरधारी लाल गेदर, रावल चंद और देवी लाल जैसे प्रगतिशील किसानों की यह सफलता राज्य के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
यदि आप राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे RAS, Patwari, REET आदि) की तैयारी कर रहे हैं और अपनी तैयारी को और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं, तो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित मॉक टेस्ट और अध्ययन सामग्री के लिए Patamde mock tests and study material पर जा सकते हैं, जहाँ आपको बेहतरीन अध्ययन संसाधन उपलब्ध होंगे।


