Apps and sites we build and maintain alongside this one.
Mock tests, study material, books and an AI-powered study app.
Automated video production and channel management tools.
Track, issue, and manage books with a simple mobile app.
Score and review handwritten answer sheets on the go.
A study companion app built for students.
Read the latest blogs and news updates.
Create presentations quickly for online classes.

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रही महिला अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। rajasthan forester recruitment (राजस्थान वनपाल भर्ती) परीक्षा 2025 में महिला उम्मीदवारों के लिए तय किए गए शारीरिक मापदंडों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। rajasthan forest department (राजस्थान वन विभाग) द्वारा आयोजित की जा रही इस भर्ती में महिलाओं के लिए सीने की माप (chest measurement) के नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चयन बोर्ड को high court notice जारी किया है।
इस court news ने राजस्थान के सरकारी नौकरी क्षेत्र (rajasthan jobs) में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या women physical test rules में इस तरह के प्रावधान महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों और उनकी व्यक्तिगत गरिमा का हनन करते हैं। rssb recruitment 2025 के तहत हो रही इस भर्ती पर हाईकोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद अब वन विभाग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को अपना रुख स्पष्ट करना होगा।
राजस्थान वन विभाग में वनपाल (Forester) के कुल 785 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। इस परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए कुल 1413 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। विवाद तब शुरू हुआ जब शारीरिक दक्षता परीक्षा के नियमों में महिला अभ्यर्थियों के लिए भी सीने की माप और उसके फुलाव (chest expansion) का नियम अनिवार्य कर दिया गया।
बीकानेर संभाग की बात करें तो यहाँ कुल 259 पदों पर भर्ती की जानी है, जिनमें से 80 पद महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। इस संभाग में शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 159 अभ्यर्थियों में से 66 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं, जिन्हें इस अजीबोगरीब और विवादित शारीरिक परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इसी नियम के खिलाफ ज्योति शर्मा नामक महिला अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट में एक डी.बी. सिविल रिट याचिका दायर की है।
राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू शामिल हैं, ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने इस मामले में निम्नलिखित अधिकारियों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है:
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमित गौड़ और भवानी सिंह तंवर ने कोर्ट में वनपाल भर्ती के नियमों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। याचिका में मुख्य रूप से राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम, 2015 के नियम 19 (2) (ए) को चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क: "महिला अभ्यर्थियों के लिए सीने की माप और फुलाव का यह प्रावधान पूरी तरह से मनमाना, अतार्किक और अवैज्ञानिक है। यह नियम न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से निरर्थक है, बल्कि यह महिला उम्मीदवारों की शारीरिक गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है।"
इस नियम को पूरी तरह से अप्रासंगिक माना जा रहा है क्योंकि वन विभाग के कार्यों में महिलाओं के शारीरिक गठन से जुड़े इस विशिष्ट मापदंड का कोई वैज्ञानिक आधार या व्यावहारिक महत्व सिद्ध नहीं होता है।
कोर्ट में दलील देते हुए वकीलों ने साफ किया कि यह नियम देश के संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन करता है। याचिका के अनुसार, यह प्रावधान निम्नलिखित संवैधानिक अनुच्छेदों का उल्लंघन है:
दिलचस्प बात यह है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ पहले भी इस तरह के नियमों को गलत ठहरा चुकी है। रिट याचिका संख्या 6847/23 (वंदना कंवर व अन्य बनाम राजस्थान राज्य) में 10 अगस्त 2023 को दिए गए फैसले में अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि महिलाओं के लिए इस प्रकार के शारीरिक नियम उनकी निजता और गरिमा के खिलाफ हैं। इसके बावजूद, वन विभाग ने वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में इस नियम को दोबारा शामिल कर लिया, जिसे कोर्ट ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| विवरण | आंकड़े / विवरण |
|---|---|
| कुल विज्ञापित पद (वनपाल) | 785 पद |
| शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाए गए अभ्यर्थी | 1413 अभ्यर्थी |
| बीकानेर संभाग में कुल पद | 259 पद |
| बीकानेर संभाग में महिलाओं के लिए आरक्षित पद | 80 पद |
| बीकानेर संभाग में शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थी | 159 (66 महिला अभ्यर्थी शामिल) |
| चुनौती दिया गया नियम | राजस्थान वन अधीनस्थ सेवा नियम, 2015 का नियम 19 (2) (ए) |
| याचिकाकर्ता | ज्योति शर्मा (डी.बी. सिविल रिट याचिका) |
राजस्थान हाईकोर्ट का यह कदम महिला सशक्तिकरण और सरकारी नौकरियों में महिलाओं की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि अदालत इस नियम को पूरी तरह से निरस्त कर देती है, तो भविष्य में होने वाली सभी पुलिस और वन विभाग की भर्तियों में महिला उम्मीदवारों को इस मानसिक और शारीरिक असहजता से मुक्ति मिल जाएगी। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और चयन बोर्ड के जवाब पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर कोर्ट के सामने क्या तर्क पेश करते हैं।
यदि आप भी राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और अपनी तैयारी को और मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आप Patamde mock tests and study material की मदद ले सकते हैं, जहाँ आपको नवीनतम सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के अनुसार बेहतरीन अध्ययन सामग्री मिल जाएगी।