Apps and sites we build and maintain alongside this one.
Mock tests, study material, books and an AI-powered study app.
Automated video production and channel management tools.
Track, issue, and manage books with a simple mobile app.
Score and review handwritten answer sheets on the go.
A study companion app built for students.
Read the latest blogs and news updates.
Create presentations quickly for online classes.

राजस्थान में पशुपालन न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन भी है। राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों के कल्याण और पशुधन के संरक्षण के लिए लगातार कई क्रांतिकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में, 04 नवंबर 2026 को जयपुर स्थित सचिवालय में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई [1]. इस बैठक में मोबाइल वेटनरी योजना राजस्थान और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए [1].
इस समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में पशु चिकित्सा और पशु बीमा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। पशुओं को घर बैठे इलाज मुहैया कराने से लेकर उनके बीमा और नस्ल सुधार तक के लिए सरकार ने बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इस लेख में हम इस बैठक के दौरान साझा किए गए सभी महत्वपूर्ण आंकड़ों, योजनाओं की प्रगति और सरकार के आगामी रोडमैप का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
मोबाइल वेटनरी योजना राजस्थान के अंतर्गत राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को उनके घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं [1]। इस योजना ने राज्य में पशु चिकित्सा के ढांचे को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। समीक्षा बैठक में इस योजना की प्रगति को लेकर बेहद उत्साहजनक आंकड़े प्रस्तुत किए गए [1]।
यह योजना उन सीमांत और गरीब पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो अपने बीमार पशुओं को अस्पताल तक ले जाने में असमर्थ थे।
पशुधन की असामयिक मृत्यु से होने वाले आर्थिक नुकसान से पशुपालकों को बचाने के लिए "मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना" चलाई जा रही है [1]। समीक्षा बैठक में 02 नवंबर 2026 तक के अद्यतन आंकड़ों की समीक्षा की गई, जो इस प्रकार हैं [1]:
योजना के तहत अब तक कुल 44 लाख 08 हजार 174 पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है [1]। यह आंकड़ा दर्शाता है कि राज्य के पशुपालक अपने पशुधन की सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
पंजीकृत पशुओं में से 30 लाख 29 हजार 639 पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है [1]। बीमा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एक अनिवार्य कदम है।
अब तक कुल 27 लाख 56 हजार 103 पशुओं के लिए बीमा पॉलिसी जारी की जा चुकी है [1]। इससे लाखों परिवारों को अपने कीमती पशुधन की सुरक्षा की गारंटी मिली है।
महत्वपूर्ण निर्देश: पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने विभाग को निर्देशित किया है कि वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए [1]। इसके साथ ही, लंबित बीमा दावों का तुरंत भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं और इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संयुक्त निदेशकों को चार्जशीट देने की चेतावनी भी दी गई है [1]।
राजस्थान को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार नस्ल सुधार कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दे रही है [1]। इसके लिए "सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना" के तहत कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination - AI) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है [1]।
इस तकनीक के माध्यम से बछड़ियों (female calves) के जन्म की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि होगी और पशुपालकों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
पशुपालन मंत्री ने केवल चिकित्सा और बीमा तक ही सीमित न रहकर, राज्य के उन हिस्सों पर भी ध्यान केंद्रित किया जो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हैं [1]। बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए:
नीचे दी गई तालिका में समीक्षा बैठक के प्रमुख आंकड़ों को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है, जो राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
| योजना / कार्यक्रम का नाम | प्रमुख संकेतक (Metrics) | वर्तमान प्रगति / आंकड़े |
|---|---|---|
| मोबाइल वेटनरी योजना | कुल लाभान्वित पशुपालक | 19.49 लाख [1] |
| कुल उपचारित पशुधन | 68.33 लाख [1] | |
| '1962' के माध्यम से घर बैठे उपचार | 16.80 लाख पशुधन [1] | |
| उपभोक्ता संतुष्टि दर (फीडबैक) | 98% [1] | |
| मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना | कुल पशु पंजीकरण (02 Nov 2026 तक) | 44,08,174 [1] |
| जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र | 30,29,639 [1] | |
| जारी बीमा पॉलिसियां | 27,56,103 [1] | |
| कृत्रिम गर्भाधान (AI) | विगत 2 वर्षों में किया गया AI | 10.57 लाख पशुधन [1] |
| आगामी वर्ष हेतु स्वीकृत डोजेज | 9.00 लाख डोजेज [1] |
यदि आप राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) या राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं जैसे RAS, राजस्थान पशु परिचारक (Pashu Parichar), या पशुधन सहायक (LSA) की तैयारी कर रहे हैं, तो यह सरकारी आंकड़े आपके लिए अत्यंत उपयोगी हैं। राजस्थान के आर्थिक भूगोल, समसामयिक मुद्दों (Current Affairs) और सरकारी योजनाओं के खंड में इन आंकड़ों से सीधे प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
विशेष रूप से, '1962' हेल्पलाइन नंबर, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पंजीकृत पशुओं की संख्या, और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना के लक्ष्य सीधे तौर पर मुख्य परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा दोनों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं [1]।
यदि आप राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और अपनी तैयारी को और अधिक मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आप नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित Patamde mock tests and study material का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ आपको विस्तृत अध्ययन सामग्री, विषयवार नोट्स और अभ्यास प्रश्न पत्र मिलेंगे जो आपकी सफलता की राह को आसान बनाएंगे।
राजस्थान सरकार की पशुपालन से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया जीवन दे रही हैं। मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के माध्यम से 16.80 लाख से अधिक पशुओं को घर बैठे मिला मुफ्त इलाज और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 27 लाख से अधिक पशुओं का बीमा होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार पशुधन के संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है [1]। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल पशुपालकों का आर्थिक जोखिम कम होगा, बल्कि राजस्थान दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा [1]।


