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राजस्थान में देश की सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए Rajasthan Agniveer Direct Recruitment (राजस्थान में अग्निवीरों के लिए सीधी भर्ती) के नियमों को मंजूरी दे दी है। इस नए फैसले के तहत, अब चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को बिना किसी लिखित परीक्षा के सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। राज्य सरकार ने पुलिस कांस्टेबल, जेल प्रहरी और वनरक्षक की भर्तियों में अग्निवीरों को सीधे नियुक्ति देने का ऐतिहासिक प्रावधान किया है। इस फैसले से प्रदेश के उन हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी जो देश सेवा के बाद अपने करियर को लेकर चिंतित थे।
इस नए नियम के तहत न केवल परीक्षा से छूट दी गई है, बल्कि अग्निवीरों के लिए आरक्षण की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए आयु सीमा में भी बड़ी छूट प्रदान की गई है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि राजस्थान सरकार की इस नई नीति के मुख्य बिंदु क्या हैं, यह नियम कैसे काम करेगा, और इससे अग्निवीरों को क्या-क्या लाभ मिलने वाले हैं।
राजस्थान सरकार ने पहले अग्निवीरों के समायोजन के लिए जो ड्राफ्ट तैयार किया था, उसमें और अब लागू होने वाले अंतिम नियमों में बहुत बड़ा अंतर है। पहले के नियमों में अग्निवीरों को परीक्षा देनी पड़ती और आरक्षण का प्रतिशत भी बेहद कम था। लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप और सुझावों के बाद नियमों को पूरी तरह से अग्निवीरों के अनुकूल बना दिया गया है।
नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आप पुराने प्रावधानों और नए नीतिगत बदलावों के अंतर को आसानी से समझ सकते हैं:
| मापदंड / नियम | पुराना प्रावधान (प्रस्तावित ड्राफ्ट) | नया प्रावधान (अंतिम स्वीकृत नियम) |
|---|---|---|
| आरक्षण का प्रतिशत | केवल 2% आरक्षण | 10% आरक्षित पद (सभी तीन विभागों में) |
| चयन प्रक्रिया | लिखित परीक्षा देना अनिवार्य था | बिना परीक्षा सीधे नियुक्ति (नो एग्जाम) |
| आयु सीमा में छूट | सामान्य नियम लागू थे | 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट |
| शामिल पद | कांस्टेबल, जेल प्रहरी, वनरक्षक | कांस्टेबल, जेल प्रहरी, वनरक्षक |
इस तालिका से स्पष्ट है कि नए नियम Rajasthan Agniveer Direct Recruitment को बेहद सरल और आकर्षक बनाते हैं, जिससे पूर्व सैनिकों (अग्निवीरों) को राज्य की मुख्यधारा की सुरक्षा सेवाओं में शामिल होने का सीधा अवसर मिलेगा।
शुरुआत में जब राजस्थान सरकार ने अग्निवीरों के लिए पुनर्वास नीति तैयार की थी, तब पुलिस, जेल प्रहरी और वनरक्षक की भर्तियों में केवल 2% आरक्षण और परीक्षा पास करने का प्रावधान रखा गया था। इस नीतिगत मसौदे (ड्राफ्ट) पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
गृह मंत्रालय का मानना था कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अनुशासित और प्रशिक्षित जवानों को वापस आकर फिर से शुरुआती स्तर की लिखित परीक्षाओं से गुजरना न्यायसंगत नहीं है। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच करीब तीन बार उच्च स्तरीय पत्राचार (letters exchange) हुआ।
मुख्य मोड़: केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाह और आपत्तियों के बाद राजस्थान सरकार ने अपने भर्ती सेवा नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया। इस संशोधन के तहत आरक्षण को 2% से बढ़ाकर सीधे 10% कर दिया गया और लिखित परीक्षा की अनिवार्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया।
संशोधित नियमों के अनुसार, Rajasthan Agniveer Direct Recruitment के तहत मुख्य रूप से तीन बड़े विभागों में रिक्तियों को भरा जाएगा। इन तीनों विभागों में कुल विज्ञापित पदों का 10% हिस्सा केवल पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेगा।
पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पदों पर अग्निवीरों की सीधी भर्ती की जाएगी। सेना में 4 साल का कड़ा शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के कारण ये जवान पुलिस बल के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। इन्हें किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।
कारागार विभाग में जेल प्रहरियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अग्निवीरों को सीधे नियुक्त किया जाएगा। अनुशासित पृष्ठभूमि से आने के कारण जेलों की सुरक्षा और प्रबंधन में ये जवान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजस्थान के विस्तृत वन क्षेत्रों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वनरक्षक भर्ती में भी अग्निवीरों को 10% कोटा दिया जाएगा। शारीरिक रूप से सुदृढ़ होने के कारण वन क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने के लिए ये जवान सबसे उपयुक्त माने जा रहे हैं।
अग्निवीर योजना (Agnipath Scheme) के तहत युवाओं की भर्ती 17.5 से 21 वर्ष की आयु के बीच की जाती है। 4 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद जब ये युवा 21.5 से 25 वर्ष की आयु में बाहर आते हैं, तो उनके पास करियर के कई विकल्प होते हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट दिए जाने से इन युवाओं को एक बड़ा सुरक्षा कवच मिल गया है।
राजस्थान सरकार ने भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। वर्तमान में राज्य में चल रही प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आगामी चुनावों के मद्देनजर लागू आचार संहिता (Model Code of Conduct) के कारण इसे तुरंत आधिकारिक रूप से धरातल पर नहीं उतारा जा सका है।
राजस्थान सरकार का Rajasthan Agniveer Direct Recruitment का यह फैसला न केवल पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को भी अत्यधिक कुशल, अनुशासित और प्रशिक्षित जवान मिलेंगे। 10% आरक्षण, बिना परीक्षा सीधी भर्ती और 5 साल की आयु छूट जैसे ऐतिहासिक प्रावधानों ने युवाओं के मन से '4 साल बाद क्या होगा?' वाले डर को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।
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