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राजस्थान के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों में बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat Mission) के अंतर्गत कक्षा 2 से 5 तक के विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (Foundational Literacy and Numeracy - FLN) को परखने के लिए आगामी 22 अगस्त 2026 को एक केन्द्रीकृत एफएलएन आकलन (Centralized FLN Assessment) आयोजित किया जाएगा।
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर (Learning Outcomes) का मूल्यांकन करना है, ताकि उनकी कमजोरियों की पहचान कर उनमें आवश्यक सुधार किए जा सकें। शिक्षा विभाग ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आइए जानते हैं इस आकलन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों, समय-सारणी, परीक्षा पैटर्न और नियमों के बारे में।
निपुण भारत (NIPUN Bharat) का पूरा नाम National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy है। इस राष्ट्रीय मिशन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में बुनियादी तौर पर पढ़ने, लिखने और गणितीय गणनाओं को समझने की क्षमता विकसित हो सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत प्राथमिक स्तर पर शत-प्रतिशत FLN लक्ष्यों को हासिल करने का संकल्प लिया गया है।
22 अगस्त को होने वाले इस केन्द्रीकृत आकलन के जरिए विद्यार्थियों के वास्तविक अधिगम स्तर (Real Learning Level) की जांच की जाएगी। इससे शिक्षकों को यह समझने में आसानी होगी कि किस बच्चे को किस क्षेत्र में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। यह मूल्यांकन पूरी तरह से पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा रहा है ताकि राज्य के हर सरकारी स्कूल में शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके।
इस आकलन प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सख्त समय-सीमा (Timeline) तय की है। नीचे दी गई तालिका में आप इस परीक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विवरण देख सकते हैं:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा की तिथि | 22 अगस्त 2026 |
| लक्षित कक्षाएं | कक्षा 2 से कक्षा 5 तक के विद्यार्थी |
| शामिल विषय | हिन्दी (Hindi) और गणित (Mathematics) |
| प्रश्नों की संख्या | प्रत्येक विषय में 20 प्रश्न (कुल 40 प्रश्न) |
| अंक योजना | प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का (कोई नकारात्मक अंकन नहीं) |
| मूल्यांकन का स्तर | विद्यालय स्तर पर जांच (School Level Evaluation) |
| शाला दर्पण पर ऑनलाइन फीडिंग | 30 अगस्त 2026 तक अनिवार्य |
इस आकलन को इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता का सही परीक्षण हो सके। परीक्षा के प्रारूप से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बच्चों पर परीक्षा का अतिरिक्त मानसिक दबाव न बने, इसके लिए शिक्षा विभाग ने नियमित स्कूल समय के दौरान ही इसे आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक विषय की परीक्षा के लिए एक घंटे का समय निर्धारित किया गया है:
महत्वपूर्ण नोट: परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रश्नपत्र 22 अगस्त से पहले ही शाला दर्पण पोर्टल और शिक्षक ऐप (Teacher App) पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे, ताकि स्कूल प्रशासन समय पर इनका प्रिंटआउट या कॉपियां तैयार रख सके।
इस परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता और समयबद्धता है। परीक्षा संपन्न होने के बाद की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जाएगा:
इस केन्द्रीकृत एफएलएन आकलन को सफल बनाने में स्कूल स्टाफ और शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी कुछ प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
कक्षा 2 से 5 तक के बच्चों को इस परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए शिक्षक और अभिभावक मिलकर प्रयास कर सकते हैं। इसके लिए कुछ उपयोगी टिप्स नीचे दिए गए हैं:
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22 अगस्त 2026 को होने वाला यह FLN आकलन राजस्थान की प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर का पता चलेगा, बल्कि शिक्षकों को अपनी शिक्षण विधियों में सुधार करने का एक स्पष्ट मार्ग भी मिलेगा। समय पर कॉपियों की जांच और 30 अगस्त तक शाला दर्पण पर अंकों की प्रविष्टि इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और प्रभावी बनाती है। सभी विद्यालयों और शिक्षकों को इस मिशन को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।


